आदर्श विद्यालय पर निबंध Essay on Adarsh Vidyalaya in Hindi

इस लेख में हमने आदर्श विद्यालय पर निबंध हिंदी में (Essay on Model School in Hindi) लिखा है। जिसमें आदर्श विद्यालय क्या है तथा कैसा होना चाहिए, योजना, विशेषता और महत्व को आकर्षक तरीके से शामिल किया गया है। अगर आप एक आदर्श विद्यालय पर निबंध की तलाश कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए सहायक सिद्ध हो सकता है।

प्रस्तावना (आदर्श विद्यालय पर निबंध Essay on Adarsh Vidyalaya in Hindi)

ज्ञान को मनुष्य के विकास का एक जरूरी माध्यम माना जाता है। ज्ञान वर्धन के लिए ही प्राचीन समय में लोग तीर्थाटन, स्वाध्याय और सत्संग का सहारा लेते थे। आधुनिक काल में स्कूल और कॉलेजों को शिक्षा का स्त्रोत माना जाता है।

किसी भी देश की वास्तविक संपत्ति वहां के बच्चों और युवाओं को माना जाता है। बच्चों और युवाओं को गढ़ने का मुख्य काम विद्यालय और विश्वविद्यालय करते हैं।

लेकिन एक आदर्श नागरिक की रूपरेखा एक आदर्श विद्यालय में ही मुमकिन हो सकती है। जिसके शिक्षा में सदाचार और चरित्रता शामिल होती है वह आदर्श विद्यालय कहलाता है। जिन विद्यालयों में यह सब गुण होते हैं वहां से महामानव की उत्पत्ति होती है।

प्राचीन काल में शिक्षा के लिए बच्चों को बाल्यावस्था में ही गुरुकुल में भेज दिया जाता था। जहां पर उन्हें ब्रम्हचर्य और शिक्षा अध्ययन के तरीकों को सिखाया जाता था। जिसके कारण उनका बौद्धिक और मानसिक विकास बहुत जल्दी हो पाता था।

लेकिन आज के समय में शिक्षा को एक व्यवसाय की तरह लिया जा रहा है। जिसके नकारात्मक परिणाम समाज में दिखाई देते हैं। 

आदर्श विद्यालय क्या है? What is Adarsh Vidyalaya in Hindi?

जिन विद्यालयों में सचरित्रता, सद्भावना, सद्गुणों को शिक्षा का केंद्र माना जाता है ऐसे विद्यालय को आदर्श विद्यालय कहा जाता है।

समाज में चरित्रवान नागरिक गढ़ने की ईकाई को आदर्श विद्यालय कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि एक आदर्श शिक्षा संगठन ही एक आदर्श समाज की स्थापना कर सकता है।

सरल शब्दों में हम उस शिक्षा संस्थान को आदर्श शिक्षा संस्थान कह सकते हैं जो स्वार्थ और लालच को त्याग कर महापुरुषों द्वारा दिखाए गए मार्ग से शिक्षार्थियों में आदर्शों का गठन करता है।

आदर्श विद्यालय कैसा होना चाहिए? What Should Adarsh Vidyalaya be like in Hindi?

हर इंसान अपने नजरिए के हिसाब से अपने आदर्श तय करता है। इसलिए किसी भी एक मनुष्य के नजरिए को सबके लिए सटीक आदर्श कहना उचित नहीं होगा।

एक आदर्श विद्यालय वह हो सकता है जो बच्चों के गुण, कर्म, स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन करें। जिनके माध्यम से समाज और राष्ट्र का उत्थान संभव हो।

अंग्रेजी शिक्षा पद्धति के कारण भारत की गुरुकुल परंपरा संपूर्ण समाप्त हो चुकी है। इसलिए बड़े से बड़ा ज्ञानी मनुष्य भी इस नौकरवादी शिक्षा पद्धति को सर्वश्रेष्ठ मानने लगा है।

एक आदर्श विद्यालय का लक्ष्य समाज को स्वावलंबी नागरिक देना है। इसलिए आदर्श वान शिक्षा संस्थान उसी को कहा जा सकता है जो शिक्षा के वास्तविक अर्थ को समझकर उसे आकार देना शुरू करें।

किसी भी समाज या राष्ट्र को सर्वांगीण विकास करने के लिए समझदार, ईमानदार, जिम्मेदार और बहादुर नागरिकों की आवश्यकता होती है। एक आदर्श विद्यालय इन्हीं गुणों को विद्यार्थियों में संप्रेषित करता है।

किसी भी विद्यालय को एक आदर्श विद्यालय तब कहा जा सकता है जब वह शिक्षा को व्यवसाय का रूप न दें। अध्यापन को ईश्वर की पूजा मानकर करें तथा सीमित साधनों में भी अपने विद्यार्थियों को उच्चतम शिक्षा प्रदान करें।

विद्यालय के सुख सुविधाओं को शिक्षा का माध्यमिक स्वरूप माना जाता है। इसलिए अगर शिक्षा संस्थान में उपरोक्त सद्गुण हो तो वह सुख सुविधाओं की कमी की आपूर्ति जल्दी कर देते हैं।

लेकिन फिर भी एक आदर्श विद्यालय अपने शिक्षार्थियों को सभी प्रकार के जरूरी सुविधाओं को मुहैया करवाता है। उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को अपना लक्ष्य मानता है।

आदर्श विद्यालय योजना Ideal School in Hindi

आजादी के बाद शिक्षा ही एक ऐसा क्षेत्र है जो परिवर्तन से अछूता रह गया। विगत सरकारों ने शिक्षा को मात्र एक नित्य कर्म मानकर सिर्फ एक छोटा सा बजट प्रकाशित करना भर माना था।

वर्तमान सरकार के प्रयत्नों से शिक्षा में मूलभूत बदलाव जैसे कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी सन 2020 को शामिल किया गया है। जिसमें विद्यार्थियों कि शिक्षा का केंद्र बिंदु कला और कुशलता में वृद्धि है।

शिक्षा में बदलाव के प्रयासों के साथ भारत के अन्य राज्य सरकारों ने भी अपने शिक्षा पॉलिसी में मूलभूत बदलाव किए हैं। जिसमें आदर्श विद्यालय योजना मुख्य है।

इस योजना के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए पंचायत स्तर पर एक आदर्श विद्यालय की स्थापना तथा जरूरी चीजों को मुहैया करवाना लक्ष्य माना गया है।

आदर्श विद्यालय योजना के अंतर्गत शिक्षार्थियों के लिए कंप्यूटर लैब, अनुभवी शिक्षक, सुरक्षित स्थल, पीने योग्य पानी, खेलने कूदने के मैदान इत्यादि मुहैया करवाने का प्रावधान है।

इसके माध्यम से गरीब बच्चों को शिक्षा में छूट देना तथा शिक्षा से दूर हो रही बालिकाओं के सर्वांगीण विकास पर पर्याप्त ध्यान देना सरकारों के लिए एक मुख्य जिम्मेदारी बन चुकी है।

आदर्श विद्यालय योजना के अंतर्गत गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिले हैं।

लेकिन फिर भी ऐसी योजनाएं नेताओं के घर में धूल खाती समय व्यतीत करती हैं। ऐसे में वर्तमान सरकार को चाहिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर उपयोग हो इस पर कार्य करें।

आदर्श विद्यालय की विशेषता Characteristic of Adarsh Vidyalaya in Hindi

किसी भी राष्ट्र तथा विद्यार्थी के लिए आदर्श विद्यालय की विशेषता बेहद ही अधिक होती है। क्योंकि यहीं से दोनों के विकास की रूपरेखा तैयार होती है।

अगर एक विद्यालय गुणवान न हुआ तो वह हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय कर सकता है। आज के समय में ऐसे उदाहरण बहुत ही ज्यादा देखने को मिलते हैं।

एक आदर्श विद्यालय समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भलीभांति समझता है तथा वह शिक्षा के साथ विद्या को भी उतना ही महत्व देता है।

इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि यह विद्यार्थियों को समय के साथ परिवर्तित होना भी सिखाता है। अगर कोई विद्यार्थी समग्र शिक्षा पद्धति को ही दोष दे तो उसे वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुसार शिक्षा पद्धति की उपयोगिता भी समझाता है।

जब शिक्षक इस बड़ी जिम्मेदारी का आभास करेंगे तो ही आदर्श विद्यालय की परिकल्पना सत्य साबित हो सकती है। अन्यथा यह मात्र कुछ पैसे कमाने का जरिया ही बनकर रह जाएगी।

आदर्श विद्यालय का महत्व Importance on Adarsh Vidyalaya School in Hindi

एक आदर्श विद्यालय का महत्व किसी भी देश के लिए सबसे ज्यादा होता है। यही कारण है कि विकसित देश अपने शिक्षा पद्धति पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

पिछले 100 वर्षों में विश्व पूरी तरह बदल चुका है लेकिन आज भी उसी शिक्षा पद्धति को तवज्जो दिया जा रहा है। इसलिए एक आदर्श विद्यालय की आवश्यकता बहुत ही अधिक है।

एक आदर्शवान शिक्षा संस्थान का महत्व निम्नलिखित हो सकता है

  • एक आदर्श विद्यालय अपने विद्यार्थियों को डिग्रीधारी बनाने के साथ साथ उनकी कुशलता पर भी ध्यान देता है।
  • विद्यार्थियों को उचित माहौल के साथ संरक्षण तथा विद्याअध्यन के साधन भी मुहैया करवाता है। जिससे गरीब से गरीब विद्यार्थी भी समान लाभ ले सके।
  • आदर्श विद्यालय इतिहास रटाने के बजाय वर्तमान और भविष्य का ताना-बाना बुनने पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • इनका महत्व इसलिए भी अधिक होता है कि यह शिक्षार्थियों को एक अभिभावक की तरह शिक्षा प्रदान करता है ना कि व्यवसाई की तरह।
  • जिस विद्यालय में उचित शिक्षा के साथ अन्य सभी साधन जैसे हवादार कमरे, विद्युत उपकरण, इंटरनेट, कंप्यूटर लैब, शांत वातावरण और अनुभवी शिक्षक होते हैं वह आदर्श विद्यालय बेहद ही महत्वपूर्ण होता है।

आदर्श विद्यालय पर 10 लाइन Best 10 Lines on Adarsh Vidyalaya in Hindi

  1. जिस विद्यालय में शिक्षार्थियों के गुण कर्म स्वभाव को सकारात्मक दिशा दिया जाता है उसे आदर्श विद्यालय कहते हैं।
  2. सनातन संस्कृति में बच्चों को गुरुकुल में भेजने का रिवाज था और शिक्षा देना श्रेष्ठ मनुष्यों का कार्य था।
  3. ब्रिटिश हुकूमत के आने के बाद सनातन शिक्षा पद्धति का नाश कर अंग्रेजी नौकरवादी शिक्षा पद्धति का विकास किया गया।
  4. उत्तराखंड के देव संस्कृति विश्वविद्यालय को एक आदर्श शिक्षा संस्थान की उपमा दी जा सकती है जहां पर बच्चों को भौतिक, बौद्धिक तथा चारित्रिक शिक्षा भी दी जाती है।
  5. चाणक्य नीति के अनुसार जो शिक्षा संस्थान सिर्फ निजी लाभ के दम पर चलते हैं वह समाज का अहित ही करते हैं।
  6. आजादी के बाद पहली बार भारतीय शिक्षा पद्धति में बदलाव कर नई शिक्षा पद्धति 2020 को लागू किया गया।
  7. एक आदर्श विद्यालय अपने विद्यार्थियों को हर प्रकार के सुख सुविधाओं के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाता है।
  8. स्वामी विवेकानंद आदर्श विद्यालय को एक मंदिर की उपमा देते थे।
  9. आज आदर्श विद्यालय के नाम पर बच्चों में कट्टरता भरी जा रही है। जिसके लिए विगत सरकारें ही जिम्मेदार हैं।
  10. अब्राहम लिंकन का मानना था कि शिक्षा प्रदान करना यह दुनिया का सबसे जिम्मेदारी वाला कार्य है।

निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में आपने आदर्श विद्यालय पर निबंध (Essay on Model School in Hindi) को पढ़ा। आशा है यह लेख आपको पसंद आया हो। अगर यह निबंध आपको अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। 

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